वीडियो जानकारी:
शब्दयोग सत्संग
६ जनवरी २०१३
अद्वैत बोधस्थल, नॉएडा
प्रसंग:
हम सपने में क्यों जीते है?
भ्रम किस कारण उठती है?
संसार का मूल भ्रम क्या है?
क्या जीव का होना ही भ्रम है?
भ्रम से कैसे पार पाएँ?
साधक कि लिए भ्रम से निकलना क्यों ज़रूरी है?
होशपूर्ण जीवन कैसे जिएं?
प्रेम का क्या अर्थ है?
संगीत: मिलिंद दाते